fbpx

Bhargav Ayurveda

Stay Fit with Ayurveda

क्यों होती है मानसिक बीमारिया और उसका क्या है प्राकृतिक समाधान

Book an Appointment

    Your Name Contact Number Email Address Consultation by Message

    तन के लिए वात पित्त कफ दोष, मन के लिए सत रज तम गुण आयुर्वेदिक व्यवहारिक तथ्य है जो तन और मन को स्वस्थ और प्रसन्न रखने के लिए, प्राकृतिक उपाय बताने में और निराकरण करने में सक्षम और सफल है।

    विषय , इंद्रिय, मन, आत्मा में मन सबसे प्रधान है और ज्यादा क्रियाशील है। तन मन के सभी कार्यों के लिए उत्तरदाई भी है। बहुत सारे लोग तन से स्वस्थ्य नहीं होते हैं तो मन से दुखी और ज्यादा सोचने एवं उलझने से मानसिक रोगी बनने लगते हैं । कुछ ऐसे भी लोग हैं जो केवल मन से, भावनात्मक दुखी होते,तकलीफ उठाते है। वे लोग अपने विचार, व्यवहार ,आहार ,शिष्टता अचार से लंबे समय तक दुखी रहने से तकलीफे मन में घर कर के ,शरीर के हार्मोन को इस तरह से बिगाड़ देती है शारीरिक रोग पैदा हो जाते हैं जैसे घबराहट, बेचैनी, अनिद्रा ,पेट की समस्या भी इन्हीं मानसिक कारण में एक विषय है। ऐसा कहा जा सकता है ना ठीक होने वाली शारीरिक तकलीफ मानसिक तनाव, डिप्रेशन रोग का कारण है और लंबे समय का मानसिक अवसाद अनिद्रा घबराहट बेचैनी बना रहना शारीरिक कमजोरी का कारण है।

    दोनों स्थितियां तन और मन को रोगी बनाती है। यही कारण है तनाव बेचैनी अनिद्रा डिप्रेशन और रिप्रेस्ड इमोशन मानसिक बीमारियों के मुख्य तकलीफ है।

    आयुर्वेद के सिद्धांत के मुताबिक प्राण वहस्रोतस मतलब दिल दिमाग और लंग का विकार तनाव युक्त होना है।

    मन के रोगों के लिए दिल दिमाग और फेफड़े को ताकतवर बनाना बहुत जरूरी है तभी मानसिक बीमारियों से लड़ने और निकलने में पूरी सफलता मिलती है।

    आयुर्वेदिक उपाय एवं नजरिया

    1 चिंता एवं तनाव (एंजायटी एंड स्ट्रेस)

    बहुत जनमानस की सोचने की प्रवृत्ति ऐसी है कि वह छोटे काम और बड़े काम दोनों को बहुत शीघ्रता से, बहुत जल्दबाजी से, बहुत पैनिक होकर करना चाहते हैं या करवाना चाहते हैं।
    यदि उनका काम उनके विचार अनुरूप नहीं हो पाता है तो घबराहट और चिंता से ग्रस्त होने लगते हैं। इस तरह की भावनाएं सोच व्यक्ति को केवल अपने स्वार्थ और नजरिए को रिप्रेजेंट करती है। ऐसी स्थिति को प्राकृतिक तरीके से निपटने के लिए ऐसी स्थिति पर पूर्ण विचार करें कि ऐसा क्यों होता है बड़ी सहजता से उसका ऑब्जरवेशन करें और पुनरावृति होने से रोके यह प्राकृतिक उपाय है। जब आप स्थिति को पूर्ण भाव से आप जब ऑब्जर्व करेंगे तो स्पष्ट होगा कमी कहां है और कैसे फाइट करना है।

    आयुर्वेद पल्स डायग्नोसिस कौशल नाडी परीक्षण से पेरिकार्डियम की अनुभूति स्पंदन को, कफ स्पाइक्स होने पर, ऐसी विचारधाराओं का परिचायक है।

    1. औषधि एवं उपाय:

    चिंता तनाव की रोकथाम निवारण हेतु प्राणायाम डीप ब्रेथिंग करने से बहुत फायदा मिलता है।
    ब्रह्मांड की ऊर्जा कॉस्मिक एनर्जी का फ्लो ऑफ कम्युनिकेशन चिद्द आकाश मतलब सिनोएटिक गैप ( दो न्यूरॉन सेल्स के जोड़ने वाले स्थान गैप) से प्राप्त होती है यदि हम प्राण अवलंबन कर के बड़ा कर लंबी लंबी सांस द्वारा ऊर्जा को भरपूर मात्रा में ग्रहण करते हैं तो हमारी जीवनी शक्ति का प्रवाह बहुत अच्छा होने लगता है जिसको प्राण न्यूट्रिएंट्स कहते हैं।

    प्राकृतिक जड़ी बूटियां ब्राह्मी शंखपुष्पी, बच ,अश्वगंधा ,जटामांसी, पुनर्नवा, गिलोय ,तगर औषधियों का प्रयोग बेहद लाभकारी है।
    इन्हीं जड़ी बूटियों के घटक द्रव्य से निर्मित औषधि रिलैक्सो काम टैबलेट और कैप्सूल चिंता और तनाव के लिए उपलब्ध है।

    2. अनिद्रा( इनसोम्निया)

    जब व्यक्ति के अंदर विचारों की भरमार हो जाती है और विचारों के चिंतन में सदैव लगा रहता है जिससे प्राणवायु और उदान वायु दोनों विकृत होकर मन को अशांत और उदेग पैदा कर देती है। जिससे रोगी व्यक्ति यह कहता है सोचना तो इतना नहीं चाहता हूं लेकिन विचार थमते ही नहीं, जिसको रैगिंग ऑफ थॉट्स कहते हैं।

    जिसमें बिना अधिक श्रम किए ही रोगी को सांस चढ़ने की सांस फूलने की थका हारा महसूस करने की स्थिति मिलती है और साथ में चिड़चिड़ापन छोटी-छोटी बातों से अधिक सताने लगता है।

    औषधि एवं उपाय

    प्राण वायु शक्ति अर्थात कॉस्मिक ऊर्जा और भरपूर ऑक्सीजन , ताजी हवा में प्राणायाम करने से अर्थात न्यूट्रिएंट्स प्राण लेने से मन और मस्तिष्क दोनों ताकतवर हो जाते हैं।

    अनिद्रा की स्थिति में मस्तिष्क को नसों को बल देने वाली औषधि मेद्य रसायन और साथ में विचारों से उद्विग्न ता को कम करने का उपाय समायोजन सलाह जनमानस के लिए हितकारी और उपयोगी है।

    जिसके लिए भार्गव आयुर्वेदा संस्थान में गहन शोध और लंबे अनुभव के बाद कारगर औषधि उपलब्ध है जो पूर्णता प्राकृतिक हैं और पूर्ण सफलता देती है।

    रिलैक्सो काम कैप्सूल या टेबलेट और जॉय टेबलेट , इस कंबो पैक का सेवन कुछ महीने ही करने से पूर्ण लाभ मिल जाता है। और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

    3. डिप्रेशन/ अवसाद

    जीवन शैली से जुड़े हुए कार्यों के प्रति निष्क्रियता, थका हुआ, हारा हुआ महसूस करना, अवसाद डिप्रेशन है।
    अवसाद में विचारों से आघात बहुत हुई रहती है, इमोशनल कनफ्लिक्स बहुत होते हैं , अनरिजॉल्वड इमोशंस और इमोशनल प्रॉब्लम्स होती हैं।डिप्रेशन का रोगी थोड़ी थोड़ी बातों में ही उदास हो जाता है और रोने लगता है। प्रौढ़ावस्था में स्त्री और पुरुष दोनों इसके शिकार होते हैं। चिकित्सा में अनुभव किया गया है दंपति जीवन में कमजोरी, यौन क्षमता का अभाव भी इस परेशानी का कारण है।

    औषधि एवं उपाय

    डिप्रेशन के कारणों का पता लगाना चाहिए और उसका उचित निवारण का यतन करना चाहिए। जीवन शैली में फ्लो आफ कम्युनिकेशन अपने साथियों के प्रति अच्छा रखें अवसाद से बचने में बेहद मददगार है।

    आयुर्वेदिक विज्ञान और सिद्धांत के नजरिए से साधक वित्त और अवलबक कफ की विकृति का परिणाम है। जिसमें मन में डर बिना सिर पैर के बातों का मंथन चलता रहता है।

    स्त्रियों के अवसाद से ग्रसित होने पर जो जॉय टेबलेट और फेमो टर्बो कैप्सूल कंबीनेशन 15 दिनों में लाभ देने लगता है और कुछ महीनों सेवन करने से अवसाद जैसी गंभीर मानस बीमारी से छुटकारा दिलाता है।

    यदि पुरुष अवसाद से ग्रसित है डिप्रेशन से परेशान है तो उस साथी के लिए जॉय टेबलेट एवं हैमर आफ जॉय कैप्सूल का सेवन बहुत ही फायदेमंद है हां कुछ क्रॉनिक डिप्रेशन से सफर रोगियों का लाभ अगर कम मिलता है तो साथ में मेघा डी का सेवन करें।

    जीवन जीने की कला में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता

    विचारों की उत्पत्ति होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है वह गलत भी हो सकती है अच्छी भी हो सकती है अपने प्रति भी अच्छी हो सकती है दूसरे की पूरी हो सकती है दूसरे के प्रति अच्छी हो सकती है अपने और अपने लोगों के प्रति पूरी हो सकती है यह सामान्य प्रक्रिया है। परंतु
    “विचारों को उलझन को सुलझाने के लिए विचारों को विचारों से काटने की कला सीखनी पड़ेगी” तभी आप मानसिक तकलीफों से मुक्त होकर स्वस्थ और कुशल जीवन जी सकते हैं।

    भार्गव आयुर्वेद संस्थान मानसिक समस्या और स्वास्थ के सभी बिंदुओं आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान का सही और सटीक ध्यान रखते हुए निदान करते हुए उचित गुणकारी दवा के माध्यम से बेहतर उपचार देता है।

    Book an Appointment

    Call or Video Consultation

    Vedic Nidan

    100% Ayurvedic Treatment

    5 thoughts on “क्यों होती है मानसिक बीमारिया और उसका क्या है प्राकृतिक समाधान”

    Leave a Comment

    Your email address will not be published.

    Call Now

    error: