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सिर दर्द का सही निदान एवं सटीक इलाज

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    सिर दर्द ऐसी बला है जो बिना बुलाए ही होती रहती है खासतौर से वह लोग प्रभावित होते हैं जिन लोगों का बॉडी ,माइंड, इमोशन और एनर्जि अलग-अलग दिशा में, अलग-अलग आस्पेक्ट पर काम करते हैं। अक्सर ऐसे लोग छोटी-छोटी बातों से तनावग्रस्त हो जाते हैं या पेन जादे लेते हैं, जिसको वह खुद दूसरे की तुलना करके, करना तो चाहते हैं परंतु करने में असफल या सक्षम नहीं रहते हैं। आपाधापी युग मे बहुत बड़ा कारण है। तरह तरह के विचार तरह-तरह के प्रयोग, विकास के लिए आवश्यक है। करना चाहिए एकाग्रता और पूरी ऊर्जा के साथ , तन मन को इंगेज करके पूरी शक्ति से लक्ष्य को साधने का प्रयास। लेकिन बहुत सारे लोग ना कर पाने के कारण मनोवैज्ञानिक तनाव रूप से सिर दर्द के शिकार हैं।

    दूसरी तरफ शरीर की तकलीफ है लंबे समय तक शरीर में बने रहने के कारण भी मानसिक दुख और सिर दर्द का कारण बनती है।

    आयुर्वेद के आरोग्य मूलक सम दोष वात, पित्त, कफ जो शरीर को चलाते हैं दोष विकार होने के नजरिए से भी सिरदर्द का कारण समझ कर इलाज करने में बहुत ही आसानी होती है और सफलता मिलती है ।

    वात, पित्त ,कफ से होने वाला सिरदर्द को कैसे पहचान एवं घरेलु उपाय।

    भाई और बहनों पहचानना बहुत ही आसान है जिसको आप खुद भी जानकर समाधान कर सकते हैं। कफ दोष से होने वाला सिर दर्द , हेड के अगले भाग में होता है जिसको फ्रंटल हेडेक , इस तरह का सिर दर्द खांसी ,जुकाम ,साइनस नजला की केस मे अधिक होता है जिसका इलाज कफ को कम करने वाले जड़ी बूटी का प्रयोग जैसे अदरक की चाय एक दाना काली मिर्च डालकर सीप -सीप कर पीने से भी अद्भुत लाभ करेगा।स्टीम लेना भी फायदेमंद है|

    पित्त विकार से होने वाला सिरदर्द के जड़ में कब्ज .गैस ,एसिडिटी बहुत बड़ा कारण होता है। पित्त विकार में होने वाला सिर का दर्द- कनपटी के ऊपर वाले हिस्से में दोनों तरफ और शिर् के चोटी शीर्ष भाग पर बना रहता है ऐसा महसूस होता है कि बड़ा दबाव सा है इस प्रकार से होने वाला सिरदर्द के पीछे पित् दोष विकार मुख्य कारण है, इस प्रकार के शिर दर्द से बचने के लिए , ठीक करने के लिए मुलेठी का पाउडर आंवले का पाउडर या दोनों मिलाकर भी प्रयोग करें बहुत लाभ होता है। एसिडिटी भी धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी सिर दर्द भी गायब हो जाएगा।

    बहुत सारे लोग  शिर के पिछले हिस्से  और गर्दन में दर्द बताते हैं ऐसे लोगों का सिर दर्द का कारण वायु दोष का विकार है। जिसको मेडिकल साइंस और तथाकथित भाषा में लोक सर्वाइकल से जोड़ने लगते हैं ऐसे में अजवाइन और जीरा आधा चम्मच रात को एक गिलास गर्म पानी में भिगो दें, छानकर हल्का गर्म करके पिए और पेट साफ भी रखें क्योंकि बड़ी आत सही प्रकार से न काम करने के कारन , डायजेस्टेड अनडायजेस्टेड फूड का बाहर निकलने में कमी या पेट साफ न रहना भी बहुत बड़ा कारण है।

    व्यवहार में देखा जाता है  सिरदर्द के पीछे मनोवैज्ञानिक कारण, मानसिक तकलीफ और रोग दोष कारण- वात, पित्त, कफ अलग-अलग और दोनों मिलकर इस सिरदर्द रोग को बनाते हैं बढ़ाते हैं।घरेलू उपचार के साथ साथ शिर को ताकत देने वाली दवाइयों का प्रयोग करने से सिर दर्द को हरा सकते हैं।शिर के नसों को ताकत देने वाली दवा जिसको आयुर्वेद में मेध्य रसायन कहते है का सेवन कुछ महीने करने से शिर का दर्द ठीक हो जाता है और होने वाली संबंधित तकलीफे तनाव , चिड़चिड़ापन , अनिद्रा , अवसाद भी ठीक होने लगता है |

    शिर दर्द को ठीक करने और शिरदर्द को हराने के लिए भार्गव आयुर्वेद संस्थान वैदिक रीति से तैयार की हुई दवा मेधा -डी कैप्सूल एवं रिलैक्सो काम टेबलेट – मेध्य रसायन से शंखपुष्पी ,जटामांसी ,ब्राम्हीआदि से बनी हुई है इन दोनों दवाई  का प्रयोग बेहद लाभकारी है।

    यदि आप सभी लोगों को घरेलू उपचार करने के बाद भी पूरा लाभ नहीं होता है इसका मतलब है सही और सटीक निदान नहीं हो पा रहा है शिर दर्द के कारन का पता लगाए और उसका इलाज करे जिसके लिए भार्गव आयुर्वेदा संस्थान ने वैदिक निदान टूल बनाया है जिसको आप अपने घर पर ही मोबाइल पर ही, लिंक पर जाकर अपनी बात, अपनी रोग की बात ,अपनी तकलीफ कि बात को दर्ज करें। संस्थान के वैद्य एक्सपर्ट आप का निदान करने में मदद और सही समाधान से अवगत कराएंगे।

    निदान नहीं तो इलाज नहीं।

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