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साइनस को पहचाने और करे इलाज !

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    #साइनस के कारण :

    #जुकाम : साइनस का सबसे सामान्य कारण पुराना जुकाम है, जिसकी वजह से नाक निरंतर बहती है या फिर बंद हो जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है। जुकाम एक प्रकार का सक्रमण होता है, जिन लोगों को लगातार जुकाम होता है, उन्हें साइनस होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है 

    #प्रदूषण : साइनस की समस्या प्रदूषण के कारण भी हो सकती है। ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में रहने वाले लोग इस बीमारी की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। धूल के कण, स्मॉग और दूषित वायु के कारण साइनस की समस्या बढ़ सकती है। ये हानिकारक कण सीधे हमारी साँस की नली पर प्रहार करते हैं। इससे धीरे-धीरे जुकाम, नाक का बहना व दर्द आदि समस्या होती है।

    #एलर्जी : आम तौर पर देखा गया है कि बहुत से लोगों को नाक संबंधी एलर्जी की शिकायत रहती है। बाहर की दूषित वायु के संपर्क में आते ही यह समस्या बढ़ जाती है। नाक संबंधी एलर्जी मौसमी भी हो सकती है। सर्दियों के दौरान ऐसी समस्या ज्यादा देखी गई है। सर्दियों में नाक का बहना, साइनस चैंबर बंद हो जाना और साइनस पर सीधे प्रहार करती है !

    #नाक की हड्डी बढ़ना : नाक की हड्डी बढ़ने के कारण भी साइनस की समस्या हो जाती है। दरअसल, बचपन या किशोरावस्था में नाक पर चोट लगने या दबने के कारण नाक की हड्डी एक तरफ मुड़ जाती है, जिससे नाक का आकार टेढ़ा दिखाई देता है। हड्डी का यह झुकाव नाक के छिद्र को प्रभावित करता है, जिससे साइनस की समस्या हो सकती है।

    #साइनस के लक्षण –

    #सिरदर्द : साइनस का सबसे सामान्य लक्षण सिरदर्द है। साइनस कैविटीजबंद होने या सूजन की वजह से सांस लेने में दिक्कत पैदा होती है और आपको सांस लेने के लिए अत्यधिक जोर लगाना पड़ता है। सांस लेने की यह अवस्था भारी सिरदर्द पैदा करती है, क्योंकि इससे आपके सिर और नसों पर दबाब पड़ता है। इस दर्द का अनुभव आप माथे, गाल की हड्डियों और नाक के आसपास महसूस कर सकते हैं। कई बार यह दर्द असहनीय अवस्था में पहुंच जाता है !

    #बुखार और बेचैनी : साइनस के दौरान मरीज को बुखार भी आ सकता है और बेचैनी या घबराहट भी हो सकती है । यह जरूरी नहीं कि साइनस के दौरान बुखार आए। फिर भी अगर आपको कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें !

    #आवाज में बदलाव : साइनस के कारण नाक से तरल पदार्थ निकलता रहता है व दर्द होता है, जिसका असर आपकी आवाज पर भी पड़ता है। इस दौरान, आपकी आवाज सामान्य से थोड़ी भिन्न हो जाती है। आवाज में भारीपन या धीमापन आ जाता है। आवाज में हो रहे इस बदलाव के जरिए आप साइनस के लक्षण की पहचान कर सकते हैं !

    #आंखों के ऊपर दर्द : साइनस कैविटीज़ आपकी आंखों के ठीक ऊपर भी होते हैं, जहां सूजन या रुकावट के कारण दर्द शुरू हो जाता है। इस लक्षण से आप साइनस की पहचान कर सकते हैं !

    #खांसी : तेज खांसी को भी साइनस का मुख्य लक्षण माना गया है। साइनस से गले व फेफड़े प्रभावित होते हैं, जिससे मरीज खांसी की चपेट में आ जाता है। 

    #साइनस का इलाज 

    अगर आप साइनस से पीड़ित है और आप ठीक नहीं हो पा रहे तो आप भार्गव आयुर्वेदा में वैद की सलाह और मार्गदर्शन द्वारा शुद्ध देसी दवा से ठीक कर सकते है !अगर आप इसे जड़ से ख़तम करना चाहते है तो इसका इलाज आयुर्वेद द्वारा संभव है !

    भार्गव आयुर्वेदा द्वारा दवाई मात्र 15 दिनों में असर करता है ! और लगभग 2 से 3 महीने के सेवन से इसे जड़ से ख़तम करें !

    इसे आर्डर करने ले लिए आप हमसे संपर्क करें @ 8813830830 or व्हाट्स अप्प करें !

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