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Obesity prevention and treatment

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    मोटापा आज की आपा धापी जिंदगी के तनाव में खान-पान के प्रति ज्यादा लापरवाही होने के कारण मोटापा से लोग ग्रसित होते जा रहे हैं जो आज के समय में वजन बढ़ने का सबसे अहम कारण है ।
    इस बीमारी से हर घर में कोई न कोई इसकी चपेट में है आज के समय में ज्यादा वजन बढ़ना पर्सनालिटी में शर्मिंदगी नजर आता है केवल इतना ही नहीं इससे अन्य गंभीर बीमारियों का होने का खतरा बना रहता है।

    क्यों होती है ऐसी समस्या

    नो एक्सरसाइज ,नो वर्क आउट या आराम प्रस्त जीवन जीवन शैली में मोटापा रोग होना एक अहम कारण क्योंकि मंद जठराग्नि (वीक डाइजेस्टिव फायर )और लीवर फंक्शन कमजोर होने के कारण फैट का मेटाबॉलिज्म सही ढंग से नहीं हो पाता है।
    आयुर्वेद के अनुसार जठराग्नि (डाइजेस्टिव फायर) खाना का सही ढंग से पाचन करके जैसे कार्बोहाइड्रेट कैलरीज, प्रोटीन ,विटामिंस आदि का पाचन करके शरीर को नरीशमेंट (पोषण )करते है कमजोर (वीक) स्टमक फंक्शन होने के कारण डाइजेस्टिव फायर भी प्रभावित हो होती है ये चार तरह के होते हैं ।
    मंदाग्नि में भूख बहुत ही कम लगती है एक बार खाना खा लेना दोबारा भूख इच्छा न होना इस रोग में स्टमक में कफ का प्रकोप होता है लक्षण पेट का भारीपन रहना भूख बहुत कम लगना गैस बनना आदि ।

    तीक्ष्णग्नि :

    तीक्ष्ण अग्नि में भूख बहुत तेज लगती है परंतु खाना का पाचन सही ढंग से नहीं होता नहीं होता है यह विकृति पित्त दोष के कारण होती है लक्षण जैसे पेट में जलन, दर्द रहना एसिडिटी बनाना मुंह में खट्टा पानी आना, गैस बनना आदि।
    विषम अग्नि:
    विषम अग्नि में भूख कभी लगती है कभी नहीं लगती है इस विकार में वात दोष प्रकुपित होता हैं लक्षण पेट में गैस बनना अमाशय में गैस के कारण तनाव रहना आदि।

    सम अग्नि
    :
    अग्नि में वात पित्त कफ तीनों सामान्य अवस्था में रहते हैं इसमें जठराग्नि सम अवस्था में रहती हैं
    उपरोक्त कारणों से स्पष्ट है कि यदि डाइजेस्टिव फायर वीक होगा तो आम दोष का निर्माण होता है आम दोष का नेचर कफ जैसा होता है यह कफ लीवर आर्गन के फंक्शन कमजोर कर देता है जिससे फैट का पाचन सही ढंग से नहीं होता और यही कफ ब्लड सेल्स (रक्त धातु )में जाकर फैट और कोलेस्ट्रोल का निर्माण करता है
    कफ प्रकृति प्रायः मोटापा के से ग्रसित होते हैं पित्त और वात प्रकृति अंडरवेट होते हैं

    क्या क्या कारण है:

    • डाइजेस्टिव फायर का कमजोर होना।
    •प्रतिदिन जरूरत कैलरीज से ज्यादा कैलरीज काआहार लेना।
    -हैवी डाइट लेना।
    •नो वर्क नो एक्सरसाइज करना ।
    •कैलरीज को न बर्न करना ।
    •अपने पाचन शक्ति से ज्यादा खाना ।
    मानसिक तनाव ।
    •हाइपो थायराइड का होना ।
    •फास्ट फूड और प्रिजर्वेटिव फूड का ज्यादा खाना।
    •मीठा ज्यादा खाना।
    •शरीर में ब्लॉकेज होने से।

    क्या क्या लक्षण है

    •शरीर का भारीपन होना।
    •शरीर से ज्यादा स्वेटिंग होना ।
    •कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
    •ब्लड प्रेशर का होना
    •मधुमेह शुगर का होना
    •जोड़ों का दर्द, कमर का दर्द
    •चलने फिरने में असमर्थता जाहिर करना
    •सांस का चढ़ना
    •नींद ज्यादा आना, किसी काम में मन न लगना
    •टेस्ट करवाने पर लिपिड प्रोफाइल का बढ़ा होना
    •वैसे तो मोटापा सभी बीमारियों का मूल जड़ है

    क्या कहता है आयुर्वेद;

    आयुर्वेद हमेशा सभी बीमारियों का रूट काज का इलाज करता है नब्ज की जांच करा कर अपनी प्रकृति के ही हिसाब से आहार-विहार का सेवन करके प्लस औषधि के सेवन से मोटापा को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है
    घरेलू उपचार:
    आंवला और शहद
    त्रिफला और शहद
    हरीतकी और शहद
    पानी में शहद मिलाकर

    समाधान

    आयुर्वेदिक चिकित्सा के परामर्श के अनुसार नब्ज जांच करा कर अपनी प्रकृति के अनुकूल आहार का सेवन करें । भार्गव आयुर्वेद संस्थान बेस्टका सफल इलाज जीएमपी सर्टिफाइड कंपनी के प्रोडक्ट के आधार पर करता है ओबेसिटी मोटापा ट्रीटमेंट के लिए दवा जाने और पाएं।
    चिकित्सा के अभिलाषी लोग भी नब्ज़ दिखाकर निदान कराके सही एवं सटीक इलाज प्राप्त करें।
    जो लोग दूर-दराज में रहते हैं आने में असमर्थ है वह लोग भी संस्थान में संपर्क करके मैसेज डाल कर या वैदिक निदान लिंक के माध्यम द्वारा अपनी समस्या को अपने कंफर्ट पर दर्ज करा कर परामर्श प्राप्त करा सकते हैं।
    उपयोगी प्रोडक्ट्स
    1.गार्सीनिया प्लस
    2.लिवो डिटॉक्स
    3.कोलोन डिटॉक्स
    मोटापा ने में लाभकारी दवाईयां तीनों को एक साथ प्रयोग बहुत कारगर है।
    लेने की विधि गार्सीनिया प्लस दो कैप्सूल सुबह खाना खाने के बाद लिवो डिटॉक्स और कोलोन डिटॉक्स दो कैप्सूल रात को सोते समय गर्म पानी से लें।
    परहेज सावधानियां
    ;वर्कआउट एवं व्यायाम जरूरी है
    ;फैटी फ्राई खान-पान परहेज़
    ;ओवर ईटिंग से बचें और हारमोंस का संतुलन रखें
    फाइबर एंड मल्टीपल ग्रेनस का प्रयोग करें

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